कृष्ण ने पूछा अर्जुन से
हे पार्थ! ये तूने क्या किया
चतुरंगी सेना को छोड़
क्यों मेरा वरण किया
माखन तो दुर्योधन ले गया तूं मूढ़ खड़ा ही रह गया
हे अर्जुन! तूने क्या किया..
अर्जुन मंद मंद मुस्काये
कहे! माखन का क्या मोल
सखा! मैंने माखन चोर पा लिया
स्वामी,माया का मैं क्या करूँ
मुझे मायापति ने अपना लिया भ्रात् को सेना लेने दो बस तुम मेरे साथ ही रहना..
हे नाथ!
मेरे रथ को आप हांक देना सारथी बन जीवन तार देना .. ज्योत्स्ना “निवेदिता”


Leave a Reply