सुविचार

सरल रहें, तरल रहें
कर्म करें, सफल रहें

शांत रहें, मधुर कहें
तटस्थ रहें, सत्य कहें

विवेक धरें, प्रेम करें
पुण्य करें, धर्म करें

हंसते रहें, स्वस्थ रहें
खुशियां बांटे मस्त रहें

ज्योत्स्ना शर्मा “निवेदिता”

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