• so far yet so near

    Too much on my mind lost what I am trying to find I never,in any Life would be able to show how I feel want to say so much to you we stay so far yet so near only, if you could hear wish u understand the worth and not just read this if so…

    Read more…


  • Devil

    First you bring out the devil out of me , and then you prove it.. “Nivedita”  

    Read more…


  • Horns of mysteries

    White flower blooming in the yard , smelling all over was vanilla and clove devil in my heart started playing games , hoping the happiness on the cards dreaming the notes of inviolate love my Mind and my Soul aching above… horns of Mysteries pierced by morning thistle blue was the sky and my frowning…

    Read more…


  • अजीब है

    अजीबियत का दौर चल पड़ा शायद … अजीब है !! जो हो रहा है सब अजीब ,जो पाया है क्या सच में पाया है ? न पाया तो अजीब है , । साल गुज़र गया और जहां साल भर पहले समय बहुत था , व्यस्ततम में “व्यस्त” नहीं , आज सब के लिए समय है…

    Read more…


  • नशा

    कहने को तो इन आँखों ने पानी से बेइन्तिहान प्यार किया प्यार में इसकदर मशगूल कि अपनी नस्ल ही पानीदार बनालिआ पर परखा जब प्यार को जाना कि पीतल को सोना बनादिया, पानी पर मरने वाली आँखों ने ही झट पलकें झपकाई और छलका कर आंसुओं को गिरा दिया  …….. उन आंसुओने  पलकों से बहते हुए कहा…

    Read more…


  • तुम और मैं

    ‘पास बैठे और बस बैठे हि रहे तूँ चंचल सी पलकें मचलती रहे यूँ हिरणी सी तेरी चाल निहारूँ तू उठे तो संग तेरे उठूँ मैं चले तो संग तेरे चलूं मैं बातें जो तेरी पुतलियाँ कहें नज़रों को समझने की कोशिश करूँ मैं मेरी नज़रों से जो देखे तो जाने कैसे तेरी हर हरकत में विद्युत् भरुं…

    Read more…


  • पिता

    तुम जगी हो अगर उसे सुलाते हुए रात भर, जगा हूँ मैं भी बत्तियां बुझाने को मगर. चोट उसे लगी, दर्द मुझे हुआ तुम रोई हो अगर भागा तो मैं भी हूँ उसे दावा लगाने को मगर. तुमने सीने से चिपका कर दूध पिलाया, टहला तो मैं भी हूँ छाती से लगाये , जब लगी आने उसे हिचकियाँ…

    Read more…


  • माँ भारती

    आग हूँ अंगार हूँ, तपते हुए रेगिस्तान में एक सर्द रात हूँ, हसरतें भर रह गयी हैं शांत माहोल की, कल्पनाओं में लड़ रही हूँ लड़ाई अपने बचाव की , अन्दर से  लावा खवल रहा  , सीना छलनी दाहक रहा है, तमाम दुखों और दर्द को झेले संसार की शशक्त कमज़ोर कड़ी हूँ। बाहर वाले…

    Read more…


  • हिंदी

    अंग्रेजी के पीछे भागें हिंदी की हिंदी होली पाठ मास्टर ने जो सिखलाया उसको भूलगये हैं ABCD जाने सभी कोई अ आ याद नही हैं हिंदी को ही नीचा देखें खाना यहीं पे खाके , ऐसे बाबू जेंटल मैन हरदम झूठी शान ही हांकें। भावनाओं का क़त्ल हुआ है संवेदना हुई विहफल थैंकू ,सॉरी ,प्लीज…

    Read more…


  • बारिश

    बारिश की बूंदों  में कहीं नमीं कम थी जो रो रो के समंदर बनाये बैठे हैं ख्वाबों में ख्वाब  बुने थे हमने जो आँखें खुलते ही आंसुओं में बह गए 

    Read more…