• नारी तूं नारायणी

    ”स्त्रियां तू सर्वं तद् रोचते कुलम ” नव शक्ति, अष्ट लक्ष्मी नारी तूं नारायणी , नारी विद्दा , नारी सौभाग्य, नारी अमृत, नारी काम , नारी सत्य, नारी भोग,नारी योग। सभी रूपों स्वरूपों में नज़र आने वाली हे नारी! तूं मात्र देह नहीं जीवन का नज़रिया है। जिस कुल में नारी प्रसन्न रहती है वह…

    Read more…


  • घाघ

    क्षमा बडन को  चाहिए छोटन को उत्पात , कहने वाले कह गए,बीत गयी वोह बात ॥    अब तो हालत यह हे ज्यों बड़ा त्यों घाघ,  अन्दर से गीदड़ भये , ऊपर चोला बाघ ॥    आम मनुष बोरा रहा पकड़ने को जिनके पग , ओछी उतनी उनकी सोच जितना ऊँचा पद ॥    बन…

    Read more…


  • BHAAT DAAL

    दूर से दाल ने भात को देखा और उसके महक में झूमते हुए उसके केसरिया श्रृंगार पर मोहित होकर बोला ऐ सुंदर ! गर तूं मिल जाये तो मेरी किस्मत ही बदल जाये , तेरे संग मैं मिल जाऊं मुझमें तूं तो देख कैसे हम भात दाल से खिचड़ी बन जाएं। Love is just like bhaat…

    Read more…


  • लिहाफ़

    यूँ मेरे ख़त का जवाब आया, लिफाफे में बंद एक गुलाब आया, खोलते ही नज़र जो मेरी फूल, पे पड़ी तेरी सूरत पे भी मुझे प्यार आया ;.. तुम दूर खड़े मुझे ताका करते थे, उस भीड़ में तुम्हारा दीदार आया, जब सबने मुझसे पुछा कौन हैं वोह, तोह जवाब में होठों पे मुस्कान, और…

    Read more…


  • चेन्नई आपदा

                                     उन बूढ़ी प्यासी नेहों को ,दूर अपनों को पाने की तलाश :          पर चहुँ और मृत्यु का तांडव और गिद्ध कौवों का भोजन वो तैरती ल्हाश। तमिलनाडु पे बारिश का कहर  एक राष्ट्रीय आपदा है , ऐसे…

    Read more…