Tag: #कविता हिंदी
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सुविचार
सरल रहें, तरल रहेंकर्म करें, सफल रहें शांत रहें, मधुर कहेंतटस्थ रहें, सत्य कहें विवेक धरें, प्रेम करेंपुण्य करें, धर्म करें हंसते रहें, स्वस्थ रहेंखुशियां बांटे मस्त रहें ज्योत्स्ना शर्मा “निवेदिता”
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शरद पूर्णिमा
आई फिर पूस की रातछंटता आज तड़ित अंधकारउज्वल उदित पूर्ण चंद्रमांआज शरद रात्रि की पूर्णिमाकुमुद खिले हैं खिली चांदनीअमृत बनकर बरसी कौमुदीपीलो ये अमृत का प्यालाबनकर गोपिका संग गोपालाबांसुरी जब कृष्ण बजाएंअधरों पे जो तान सजाएंसज संवर कर आई राधिकानिधि वन में सब रास रचाएंज्योत्सना ” निवेदिता “
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मन
मन बंजारा डोल रहा हैप्रेम शहद मद घोल रहा हैमीठी मीठी बातों से वोज़हर में मिश्री घोल रहा है ना जाने क्यों रूष्ट हुआ हैमुझसे मुंह अब मोड़ लिया हैजाने अंजाने जो भी था वोमन ने सब कुछ छोड़ दिया है मन ही मन की बातें जानेसुनना जाने सुनाना जानेमीठे कड़वे भेद ये जानेहंसाना जाने…