जीवन गणित

जीवन का गणित बहुत आसान है

एक और एक दो नहीं

ग्यारह होते हैं

गुणा भाग नहीं

सिर्फ जोड़ बाकी होता है


खुशियों को जोड़ते हैं

दुख घटाए जाते हैं


किस्मत गुणा होती है

कर्म भाग किया जाता है


जीवन का बस

यही फलसफा होता है

ज्योत्स्ना “निवेदिता”


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Comments

One response to “जीवन गणित”

  1. Gerry Palermo Avatar

    I don’t understand the translation. It is intriguing though.

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